भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट मैच के चौथे दिन का खेल जितना रोमांचक था, उतना ही भावनात्मक भी रहा क्योंकि यह दिन भारतीय टीम के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकता था दिन की शुरुआत टीम इंडिया के पक्ष में हुई लेकिन अंत होते-होते परिस्थितियां इतनी बिगड़ गईं कि भारत के हाथों से लगभग जीत फिसलती दिखाई देने लगी इस पूरे दिन में जिस तरह से भारतीय गेंदबाज़ों ने दम दिखाया और फिर बल्लेबाज़ों ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया उसने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को निराश कर दिया
इंग्लैंड की दूसरी पारी में जब चौथे दिन का खेल शुरू हुआ तब उनका स्कोर दो रन पर था और सभी को उम्मीद थी कि वे बड़ा स्कोर खड़ा करेंगे क्योंकि उनकी पहली पारी में उन्होंने 387 रन बनाए थे लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों की घातक और अनुशासित गेंदबाज़ी ने पूरी इंग्लिश टीम को 192 रनों पर ही रोक दिया यह किसी भी एशियाई टीम के लिए विदेशी पिच पर शानदार गेंदबाज़ी प्रदर्शन कहा जाएगा जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्डी और आकाशदीप ने आपसी तालमेल और सटीक लाइन लेंथ से इंग्लिश बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया
सबसे ज्यादा तारीफ के हकदार रहे वाशिंगटन सुंदर जिन्होंने 12 ओवर में मात्र 22 रन देकर चार विकेट हासिल किए और वो भी चारों विकेट क्लीन बोल्ड थे उन्होंने सबसे पहले इंग्लैंड के सबसे अनुभवी बल्लेबाज़ जो रूट को 40 के स्कोर पर आउट किया जो इस पिच पर अच्छे हाथ दिखा रहे थे इसके बाद बेन स्टोक्स जो 33 रन बनाकर जम चुके थे उन्हें भी सुंदर ने क्लीन बोल्ड कर पवेलियन भेजा यही नहीं इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ जेमी स्मिथ को भी सुंदर ने ही गेट के पीछे से स्टंप्स उड़ा कर आउट किया और फिर शोएब बशीर को क्लीन बोल्ड कर उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी का लोहा मनवाया

जसप्रीत बुमराह ने भी 38 रन देकर दो विकेट झटके उनका योगदान हमेशा की तरह साइलेंट लेकिन इम्पैक्टफुल रहा वहीं मोहम्मद सिराज ने भी 31 रन पर दो विकेट लेकर शानदार स्पैल डाला नीतीश कुमार रेड्डी ने अपने कम अनुभव के बावजूद बेहतरीन लाइन लेंथ पर गेंदबाज़ी की और केवल 20 रन देकर एक विकेट लिया जबकि आकाशदीप ने भी 30 रन देकर एक विकेट निकाला कुल मिलाकर पूरी बॉलिंग यूनिट ने मिलकर इंग्लैंड को मैच से लगभग बाहर कर दिया और भारत को जीत का सुनहरा मौका थमा दिया
लेकिन बल्लेबाजों ने इस सुनहरे मौके को बर्बाद कर दिया चौथी पारी में लक्ष्य ज्यादा बड़ा नहीं था 192 रनों का पीछा करना था लेकिन भारतीय टॉप ऑर्डर ने जिस तरह से विकेट गंवाए उसने पूरी टीम की मेहनत पर पानी फेर दिया पहले ओपनर यशस्वी जैसवाल बिना खाता खोले शून्य पर आउट हो गए वो भी दोनों पारियों में लगातार डक पर आउट होना उनके आत्मविश्वास को तोड़ सकता है दूसरी पारी में उनकी बॉडी लैंग्वेज से लग ही नहीं रहा था कि वे टेस्ट मैच खेल रहे हैं जिस तरह से वो आगे निकलकर खेलने की कोशिश कर रहे थे वो पूरी तरह से अनावश्यक थी
करुण नायर को टीम ने दोबारा मौका दिया लेकिन वे भी बार-बार सेट होने के बाद छोटी गलती कर आउट हो जा रहे हैं चाहे वो 14 हो या 30 या 35 इस तरह के स्कोर टेस्ट क्रिकेट में आपकी उपयोगिता पर सवाल खड़े कर देते हैं कप्तान शुभमन गिल से काफी उम्मीदें थीं उन्होंने पिछले मैच में डबल सेंचुरी जड़ी थी लेकिन इस बार दोनों पारियों में फ्लॉप रहे दूसरी पारी में तो सिर्फ 6 रन बनाकर आउट हो गए उनकी बल्लेबाज़ी में टेंपरामेंट की कमी साफ नजर आई नाइट वॉचमैन के तौर पर भेजे गए आकाशदीप ने 11 गेंदें खेलीं और अंत तक एक छोर संभाले रखा लेकिन आखिरी ओवर में वो भी आउट हो गए

जब चौथे दिन का खेल खत्म हुआ तब तक टीम इंडिया 58 रन बना चुकी थी लेकिन उसके चार विकेट गिर चुके थे यानी अब भी जीत के लिए 135 रन चाहिए और हाथ में सिर्फ 6 विकेट हैं लेकिन अगर रियल बैटिंग डिप्थ को देखा जाए तो बचे हुए छह में से चार ही स्पेशलिस्ट बल्लेबाज़ हैं केएल राहुल जो इस वक्त 33 रन बनाकर नाबाद हैं उन पर टीम की पूरी उम्मीदें टिकी हैं उनके साथ अभी भी ऋषभ पंत, नीतीश रेड्डी और रविंद्र जडेजा मौजूद हैं इन तीनों को अब जिम्मेदारी लेनी होगी क्योंकि वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह से रन की ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती
राहुल को अपना अनुभव और संयम दिखाते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाना होगा वहीं ऋषभ पंत को भी अपनी गुस्सैल बल्लेबाज़ी शैली छोड़ कर परिस्थिति के हिसाब से बल्लेबाज़ी करनी होगी नीतीश रेड्डी को साबित करना होगा कि वह सिर्फ गेंदबाज़ ही नहीं बल्कि एक भरोसेमंद बल्लेबाज़ भी हैं रविंद्र जडेजा पर भी काफी दारोमदार रहेगा उन्हें अपने ऑलराउंड अनुभव के आधार पर गेंदबाज़ी के साथ बल्लेबाज़ी में भी योगदान देना होगा
अब टीम इंडिया जीत से सिर्फ 135 रन दूर है लेकिन ये 135 रन एक कठिन पहाड़ की तरह लग सकते हैं अगर बल्लेबाज़ों ने लापरवाही दिखाई तो इतना अच्छा मैच जो गेंदबाजों ने टीम के लिए बना दिया था वो पूरी तरह से हाथ से निकल सकता है इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि अब अगर भारत यह मैच हारता है तो उसकी सबसे बड़ी वजह खराब बल्लेबाज़ी ही मानी जाएगी क्योंकि गेंदबाज़ों ने हरसंभव कोशिश कर टीम को जीत दिलाने का मंच तैयार कर दिया है