मुंबई लोकल में सीट से शुरू होकर मराठी बनाम हिंदी की जंग तक कैसे पहुंचा मामला?
मुंबई लोकल ट्रेन में सीट को लेकर शुरू हुई मामूली बहस कुछ ही मिनटों में मराठी और हिंदी को लेकर भयंकर भाषाई विवाद में बदल गई
यह घटना सेंट्रल लाइन की महिला कोच में 18 जुलाई की शाम हुई जहां एक महिला ने कहा अगर मुंबई में रहना है तो मराठी बोलनी होगी
हिंदी बोलने वाली महिलाओं को बाहर निकलने तक की चेतावनी दी गई जिससे विवाद और भी गर्म हो गया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और कहा अब हर राज्य में भाषा की लड़ाई शुरू हो गई है
एक यूजर ने लिखा अब तो सीट की बहस भी भाषा की लड़ाई में बदल रही है और इससे सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है
रेलवे ने पुष्टि की है कि घटना मुंबई की सेंट्रल लाइन पर हुई लेकिन अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है
यह विवाद ऐसे वक्त पर हुआ है जब महाराष्ट्र में भाषा को लेकर राजनीति पहले से ही गर्माई हुई है
हाल ही में एमएनएस कार्यकर्ताओं ने दुकानदारों और ऑटो चालकों पर मराठी ना बोलने के आरोप में हमला किया था
ठाणे, पालघर और बिक्रौली जैसी जगहों पर भी हिंदी बोलने वालों को निशाना बनाया गया जिससे विवाद और गहराता गया
मुंबई जैसी बहुभाषी शहर में भाषा को लेकर बढ़ते तनाव पर चिंता गहराई है और लोग पूछ रहे हैं क्या अब बोलने की आज़ादी भी खतरे में है