वोटर लिस्ट विवाद पर बड़ा राजनीतिक टकराव 

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों ने सियासत गरमा दी है। नेता प्रतिपक्ष ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

आरोप है कि कई नए वोटर्स जोड़े गए और कई पुराने नाम हटा दिए गए, जिससे नतीजों पर असर पड़ा।

राहुल गांधी ने दावा किया कि एक ही घर में दर्जनों वोटर पंजीकृत पाए गए, जो गंभीर अनियमितता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने डेटा और प्रेजेंटेशन के साथ आरोप पेश किए, जो पहले कम ही देखा गया था।

कहा गया कि महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव में भी ऐसी गड़बड़ियां सामने आई थीं।

एक उदाहरण में, बेंगलुरु के बूथ नंबर 470 पर 35 नंबर के घर में 80 वोटर दर्ज पाए गए।

चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया।

आयोग का कहना है कि विपक्ष ने समय पर आपत्ति या पिटीशन दायर नहीं की, इसलिए अब कार्रवाई संभव नहीं।

विवाद डिजिटल वोटर लिस्ट की उपलब्धता और सीसीटीवी फुटेज के संरक्षण को लेकर भी गहराया।

आरोप और जवाबी तर्क के बीच, मामला जनमानस और कानूनी मंच दोनों पर गरम है। 

अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या ये विवाद चुनावी सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम ला पाएगा।