उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ तब आया जब समाजवादी पार्टी (SP) ने अपनी विधायक पूजा पाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसका कारण रहा उनका हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर की गई तारीफ, जिसने पार्टी के अंदर हलचल मचा दी।
यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश विधानसभा के उस ऐतिहासिक 24 घंटे चले नॉन स्टॉप सत्र के दौरान सामने आया, जहां पूजा पाल ने CM योगी की सरकार के कामकाज की जमकर सराहना की थी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि मौजूदा सरकार ने कई क्षेत्रों में बेहतरीन काम किए हैं और विकास की रफ्तार तेज की है। उनके इन बयानों को विपक्षी दल और उनकी खुद की पार्टी, दोनों ने ही राजनीतिक रूप से बड़ा कदम माना।
सूत्रों के अनुसार, SP नेतृत्व ने इसे पार्टी लाइन के खिलाफ बयान करार देते हुए कड़ा रुख अपनाया। पार्टी का मानना है कि विपक्ष में रहते हुए सत्तारूढ़ दल के मुखिया की इस तरह सार्वजनिक प्रशंसा पार्टी की विचारधारा और रणनीति को कमजोर करती है।
पार्टी से निकाले जाने के बाद पूजा पाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने सिर्फ सच्चाई बयान की थी और अच्छे काम की तारीफ करना उनकी आदत है। उनका कहना है कि राजनीति में भी सकारात्मक पहलुओं को स्वीकार करना चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम SP के अंदर अनुशासन बनाए रखने की कोशिश है, लेकिन इससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद भी सतह पर आ सकते हैं। वहीं, बीजेपी समर्थक इसे CM योगी की छवि और लोकप्रियता के बढ़ते असर के तौर पर देख रहे हैं।
इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले समय में इसका असर SP के भीतर और राज्य की राजनीतिक समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।