रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आखिरकार 3 महीने बाद अपनी चुप्पी तोड़ दी है। गुरुवार को सोशल मीडिया पर आरसीबी ने अपने फैन्स यानी ‘12th मैन आर्मी’ के नाम एक बेहद भावुक संदेश लिखा। साथ ही टीम ने एक नई पहल ‘RCB Cares’ का ऐलान किया, जिसका मकसद जून में हुई उस दर्दनाक भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रशंसकों के परिवारों की मदद करना और घायलों को सहयोग प्रदान करना है।
RCB का इमोशनल मैसेज
आरसीबी ने अपने पोस्ट में लिखा –
“12th मैन आर्मी, आप सिर्फ हमारे फैंस नहीं, बल्कि हमारी ताकत हैं। बीते कुछ महीनों में हम बहुत कुछ झेल चुके हैं। हमने चुप रहकर आपको सुना है, आपके दर्द को महसूस किया है और अब वक्त है आपको बताने का कि हम हमेशा आपके साथ खड़े हैं। यही वजह है कि हमने ‘RCB Cares’ की शुरुआत की है। यह सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है कि हर उस परिवार का साथ दें जिसने इस सफर में अपनों को खो दिया।”
क्या है ‘RCB Cares’?
‘RCB Cares’ अभियान के तहत फ्रेंचाइज़ी ने ऐलान किया है कि:
- भगदड़ में जान गंवाने वाले फैंस के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- घायलों के इलाज का पूरा खर्च टीम उठाएगी।
- भविष्य में स्टेडियम में सुरक्षा के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।
क्यों 3 महीने बाद तोड़ी चुप्पी?
RCB के तीन महीने तक खामोश रहने की वजह से सोशल मीडिया पर फैन्स लगातार सवाल उठा रहे थे। कई लोगों का मानना था कि चैंपियन बनने के बाद टीम ने फैन्स को भुला दिया। लेकिन अब RCB ने साफ किया कि चुप्पी सिर्फ इसलिए थी क्योंकि टीम एक ठोस और लंबी योजना पर काम कर रही थी।
फैन्स की प्रतिक्रियाएं
जैसे ही पोस्ट सामने आया, RCB फैन्स की भावनाएं उमड़ पड़ीं। सोशल मीडिया पर हजारों यूज़र्स ने कमेंट कर टीम का सपोर्ट किया।
- “RCB सिर्फ एक टीम नहीं, एक परिवार है।”
- “धन्यवाद, आपने फैंस की आवाज़ सुनी।”
- “12th मैन आर्मी हमेशा RCB के साथ खड़ी रहेगी।”
RCB और फैंस का रिश्ता
आरसीबी के फैन्स को क्रिकेट जगत में सबसे वफादार और जुनूनी फैंस माना जाता है। चाहे टीम जीते या हारे, फैन्स हमेशा स्टेडियम भर देते हैं और टीम को सपोर्ट करते हैं। यही वजह है कि RCB ने उन्हें कभी सिर्फ दर्शक नहीं माना, बल्कि ‘12th मैन’ की उपाधि दी है।
क्रिकेट से ज़्यादा इमोशंस
RCB का ये कदम बताता है कि उनके लिए क्रिकेट सिर्फ बैट-बॉल का खेल नहीं, बल्कि इंसानियत और इमोशंस से जुड़ा रिश्ता है। टीम चाहती है कि फैन्स खुद को सिर्फ सपोर्टर नहीं, बल्कि RCB परिवार का हिस्सा समझें।
आगे का सफर
‘RCB Cares’ को लेकर उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में टीम और भी सामाजिक अभियानों से जुड़ सकती है। क्रिकेट से इतर समाज में जिम्मेदारी निभाने वाली यह पहल आने वाले समय में अन्य फ्रेंचाइज़ियों के लिए भी एक उदाहरण साबित हो सकती है।