23 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा किया, जिसमें उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि 25 नवंबर को अयोध्या में होने वाले धर्मध्वजा स्थापना समारोह को घर बैठे देखें। पत्र में लिखा, “मेरे प्रिय प्रदेशवासियों, 25 नवंबर 2025 को श्रीअयोध्या धाम का नाम पुनः इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा। धर्मध्वजा के पुनर्स्थापन से अयोध्या वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र का स्वरूप लेगी। मेरी कामना है कि इससे प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो। आइए, हम सभी मिलकर रामराज्य के आदर्शों से प्रेरित एक नव-उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लें। जय श्रीराम! आपका योगी आदित्यनाथ।”
ये पत्र मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी (विक्रम संवत 2082) के शुभ मुहूर्त पर केंद्रित था। योगी ने कहा, “ध्वजारोहण समारोह से पहले आम भक्तों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा, इसलिए घर बैठे प्रसारण देखें।” पत्र वायरल हो गया – 5 लाख+ शेयर। सीएम योगी की अपील 25 नवंबर को धर्मध्वजा स्थापना ने लाखों लोगों को जोड़ा।
अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह: तैयारियां जो ऐतिहासिक क्षण को भव्य बनाएंगी
समारोह 25 नवंबर को दोपहर 12 से 12:30 बजे अभिजीत मुहूर्त में होगा। मंदिर का शिखर (151-190 फीट ऊंचा) पर भगवा विजय ध्वज फहराया जाएगा। PM मोदी बटन दबाकर ध्वज रोहण करेंगे। मुख्य अतिथि: RSS प्रमुख मोहन भागवत, UP राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, CM योगी। कार्यक्रम 4 घंटे चलेगा – भजन, संकल्प, ध्वजारोहण।
तैयारियां:
- सुरक्षा: 5000+ पुलिसकर्मी, ड्रोन सॉर्विलांस।
- प्रसारण: DD News, YouTube लाइव – घर बैठे दर्शन।
- निमंत्रण: अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर जैसे हस्तियां।
- मंदिर बंद: आम भक्तों के लिए 25 नवंबर को बंद।
सीएम योगी की अपील 25 नवंबर को धर्मध्वजा स्थापना ने तैयारियों को जन-जन तक पहुंचाया।
राम मंदिर का ऐतिहासिक महत्व: ध्वजारोहण से रामराज्य का नया युग
राम मंदिर का निर्माण 5 अगस्त 2020 को पूज्य हुआ – प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024। ध्वजारोहण मंदिर पूर्णता का प्रतीक – शिखर पर भगवा ध्वज सनातन धर्म की विजय। योगी ने कहा, “अयोध्या अब सांस्कृतिक राजधानी।” महत्व:
- धार्मिक: राम जन्मभूमि का पूर्ण स्वरूप।
- सांस्कृतिक: विरासत का सम्मान।
- सामाजिक: शांति-समृद्धि का संदेश।
सीएम योगी की अपील 25 नवंबर को धर्मध्वजा स्थापना ने इसे जन-आंदोलन बनाया।
| समारोह विशेषता | डिटेल | महत्व |
|---|---|---|
| मुहूर्त | 12-12:30 बजे | अभिजीत |
| मुख्य अतिथि | PM मोदी, मोहन भागवत | राष्ट्रीय सम्मान |
| प्रसारण | DD News, YouTube | घर दर्शन |
| सुरक्षा | 5000+ पुलिस | शांति सुनिश्चित |
| निमंत्रण | हस्तियां | सांस्कृतिक एकता |
ये टेबल समारोह की झलक दिखाती है।
योगी आदित्यनाथ का संदेश: राम आदर्शों से प्रेरित नव-उत्तर प्रदेश
योगी ने पत्र में कहा, “राम के आदर्शों का पालन करें। अयोध्या का विकास – हवाई अड्डा, राम पथ – पूरे UP का मॉडल।” अपील: “घर बैठे देखें, संकल्प लें।” ये संदेश युवाओं को जोड़ता।
सोशल मीडिया रिएक्शन: वायरल पत्र और उत्साह की लहर
योगी का पत्र 5 लाख+ शेयर। फैंस: “25 नवंबर इंतजार! जय श्रीराम।”, “योगी जी का संदेश इंस्पायरिंग।” मीम्स: ध्वज फहराते PM ‘रामराज्य आ गया’। BJP नेता: “ऐतिहासिक क्षण।”
क्यों ऐतिहासिक है ये समारोह? टॉप 5 वजहें
- मंदिर पूर्णता: निर्माण का अंतिम चरण।
- PM मोदी का रोल: ध्वजारोहण।
- योगी की अपील: जन-भक्ति का आह्वान।
- सांस्कृतिक महत्व: रामराज्य का प्रतीक।
- लाइव प्रसारण: करोड़ों दर्शन।
सीएम योगी की अपील 25 नवंबर को धर्मध्वजा स्थापना ने अयोध्या को नई ऊंचाई दी। 25 नवंबर का जश्न इंतजार! क्या आप घर देखेंगे? कमेंट्स में बताएं! जय श्रीराम!