10 दिसंबर 2025 को वाशिंगटन डीसी में हाउस फॉरेन अफेयर्स सबकमिटी की सुनवाई “यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” पर हो रही थी। डेमोक्रेट रैंकिंग मेंबर सिडनी कमलागर-डोव ने अपनी बारी में एक बड़ा पोस्टर ऊंचा किया – इसमें पीएम मोदी और पुतिन एक कार में सेल्फी लेते नजर आ रहे थे। सांसद ने कहा, “ये फोटो हजार शब्दों के बराबर है। ट्रंप की नीतियां – हाई टैरिफ्स, H-1B वीजा फीस – भारत को रूस की ओर धकेल रही हैं। हम अपनी नाक काट रहे हैं।” सांसद ने चेतावनी दी कि कांग्रेस को जल्द कदम उठाने चाहिए ताकि यूएस-इंडिया रिश्ते मजबूत हों।
ये फोटो पुतिन की 4-5 दिसंबर 2025 की भारत यात्रा के दौरान ली गई थी। पुतिन के प्लेन लैंड होते ही मोदी ने पर्सनली रिसीव किया, और दोनों ने कार में सेल्फी ली। ये इमेज सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थी, लेकिन कांग्रेस में इसका इस्तेमाल डिप्लोमैटिक वेपन की तरह हुआ। अमेरिकी कांग्रेस में मोदी-पुतिन की कार वाली फोटो वायरल ने ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की विदेश नीति पर सवाल खड़े कर दिए। सांसद ने कहा, “भारत हमारा स्ट्रैटेजिक पार्टनर है, लेकिन ट्रंप की पॉलिसी इसे कमजोर कर रही।”
फोटो का बैकग्राउंड: पुतिन यात्रा का वो पर्सनल टच जो वायरल बना
पुतिन की भारत यात्रा 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन का हिस्सा थी। 4 दिसंबर को प्लेन लैंड होते ही मोदी ने पर्सनली वेलकम किया – हैंडशेक, हग और कार राइड। कार एक जापानी टोयोटा फॉर्च्यूनर थी, जो इंडियन असेंबली लाइन से बनी। दोनों ने कार में सेल्फी ली – मोदी ने शेयर किया, “पुतिन के साथ दोस्ताना मुलाकात।” ये इमेज रूस-इंडिया ब्रदरहुड का सिंबल बनी।
पिछले SCO समिट में भी दोनों ने कार शेयर की थी – रूसी Aurus सेडान में। अमेरिकी कांग्रेस में मोदी-पुतिन की कार वाली फोटो वायरल ने इसे डिप्लोमैटिक सिम्बल बना दिया। सांसद ने कहा, “ये फोटो दिखाती है कि अमेरिका की नीतियां भारत को रूस की ओर ले जा रही।”
कांग्रेस सुनवाई का पूरा कनेक्स: ट्रंप नीतियों पर डेमोक्रेट्स का हमला
सुनवाई का टॉपिक “यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” था। सांसद कमलागर-डोव ने ट्रंप की पॉलिसी पर फोकस किया:
- H-1B वीजा फीस 100,000 डॉलर – 70% इंडियंस प्रभावित।
- हाई टैरिफ्स – इंडिया-US ट्रेड प्रभावित।
- यूक्रेन वॉर में इंडिया की न्यूट्रल स्टैंड – ट्रंप का दबाव।
सांसद ने कहा, “ट्रंप की पॉलिसी ‘कटिंग अवर नोज टू स्पाइट अवर फेस’ है। कांग्रेस को जल्द कदम उठाने चाहिए।” फोटो को प्रोप की तरह इस्तेमाल – “ये हजार शब्दों के बराबर।” अमेरिकी कांग्रेस में मोदी-पुतिन की कार वाली फोटो वायरल ने डेमोक्रेट्स को ट्रंप पर हमले का मौका दिया।
| सुनवाई हाइलाइट | डिटेल |
|---|---|
| सांसद | सिडनी कमलागर-डोव (डेमोक्रेट) |
| फोटो यूज | पोस्टर के रूप में |
| आलोचना | ट्रंप टैरिफ्स, H-1B फीस |
| चेतावनी | भारत को रूस की ओर धकेलना |
भारत-रूस संबंध: फोटो का डिप्लोमैटिक महत्व
भारत-रूस टाईज 1971 से मजबूत – 2025 में 100 बिलियन डॉलर ट्रेड। रक्षा: 60% आयात रूस से। ऊर्जा: रूस से तेल। पुतिन यात्रा में S-400 डील, न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स पर समझौते। अमेरिकी कांग्रेस में मोदी-पुतिन की कार वाली फोटो वायरल ने इंडिया-US रिश्तों पर सवाल उठाए।
अमेरिकी चिंताएं: ट्रंप पॉलिसी का बैकफायर
ट्रंप की नीतियां – टैरिफ्स, वीजा फीस – इंडिया-US रिश्तों को प्रभावित। सांसद ने कहा, “इंडिया साइंस, टेक में योगदान देता है, लेकिन हम उन्हें रोक रहे।” फोटो ने दिखाया कि इंडिया रूस से करीब हो रहा।
सोशल मीडिया रिएक्शन: वायरल फोटो पर बहस
X पर #ModiPutinCongress ट्रेंड – 4 मिलियन+ पोस्ट्स। फैंस: “मोदी-पुतिन ब्रदरहुड!”, “ट्रंप नीतियां गलत।” मीम्स: फोटो ‘ट्रंप vs मोदी’।
क्यों वायरल फोटो? टॉप 5 वजहें
- डिप्लोमैटिक सिंबल: कार राइड का पर्सनल टच।
- कांग्रेस प्रोप: ट्रंप आलोचना का टूल।
- यूएस-इंडिया टेंशन: टैरिफ्स का बैकफायर।
- सोशल मीडिया: वायरल इमेज।
- ग्लोबल डिबेट: रूस-इंडिया टाईज।
अमेरिकी कांग्रेस में मोदी-पुतिन की कार वाली फोटो वायरल ने डिप्लोमेसी को नया ट्विस्ट दिया। क्या ट्रंप चेंज करेंगे? कमेंट्स में बताएं!