बॉलीवुड की दुनिया में अगर किसी अभिनेता को एक्शन का पर्याय माना जाता है, तो वह हैं अजय देवगन। अपनी पहली ही फिल्म “फूल और कांटे” में दो बाइकों पर खतरनाक एंट्री करने वाले इस कलाकार ने भारतीय सिनेमा में स्टंट और रीयल एक्शन का ऐसा मानक बनाया जिसे पार कर पाना किसी भी अभिनेता के लिए आसान नहीं। वर्षों से उन्होंने दर्शकों को एक्शन, ड्रामा और इमोशन का परफेक्ट मिश्रण दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह रील लाइफ का सिंघम असल ज़िंदगी में एक बेहद खौफनाक हादसे का शिकार हो चुका है, जिसने उसकी आदतें, सोच और दैनिक जीवन का ढंग ही बदल कर रख दिया।
यह हादसा किसी फिल्म के सेट पर नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी में हुआ था – एक लिफ्ट में, जहां अजय देवगन फंस गए थे। यह कोई मामूली घटना नहीं थी। यह हादसा इतना गंभीर था कि आज भी अजय उस पल को याद करके सहम जाते हैं। यह खुलासा उन्होंने खुद किया कपिल शर्मा के चर्चित शो में, जहां वे तब्बू के साथ अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुंचे थे।
शो के दौरान जब कपिल शर्मा ने उनसे पूछा कि उन्हें बाथरूम में लॉक हो जाने से डर लगता है क्या, तो अजय ने मुस्कुराते हुए कहा, “बाथरूम का नहीं, मुझे लिफ्ट का फोबिया है।” इसके बाद उन्होंने जो किस्सा सुनाया, वह सुनकर हर कोई हैरान रह गया। अजय ने बताया कि एक बार वह एक बिल्डिंग की तीसरी या चौथी मंज़िल से लिफ्ट में सवार होकर नीचे जा रहे थे, तभी अचानक लिफ्ट का बैलेंस गड़बड़ा गया। लिफ्ट सीधा नीचे बेसमेंट तक गिर गई और अंदर मौजूद सभी लोग उसमें फंस गए। लिफ्ट इतनी बुरी तरह से नीचे गिरी थी कि उसके दरवाज़े भी नहीं खुल रहे थे। इस हादसे में अजय करीब डेढ़ घंटे तक लिफ्ट के अंदर फंसे रहे।

उनके अनुसार, वह समय इतना डरावना था कि उन्हें लगा कि शायद अब वे ज़िंदा बाहर नहीं निकल पाएंगे। एक बंद जगह में, जहां कोई संचार नहीं, ऑक्सीजन सीमित, और हर पल यह डर कि कहीं फिर से झटका न लगे – ऐसे में किसी भी व्यक्ति का मानसिक संतुलन डगमगा सकता है। और यही हुआ अजय देवगन के साथ भी। उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद उन्होंने लिफ्ट का इस्तेमाल लगभग बंद ही कर दिया। चाहे फिल्म की शूटिंग हो, इवेंट्स हों या इंटरव्यू लोकेशन – वे हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करते हैं, भले ही कितनी ही ऊंची मंजिल क्यों न हो।
अजय के इस खुलासे से दर्शकों को उस अभिनेता के अंदर छुपे इंसान की झलक मिली जो भले ही परदे पर गोलियां खाता है, स्टंट करता है, खुद को आग में झोंकता है – लेकिन असल ज़िंदगी में एक हादसा उसे भी डर में डाल देता है। यह हादसा इतना असरदार था कि इसके बाद अजय ने अपने शूटिंग सेट्स पर भी स्टंट से जुड़ी सिक्योरिटी और मशीनों की सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सख्ती बरतनी शुरू कर दी। उनका मानना है कि ज़िंदगी एक ही है और ज़रा सी चूक किसी भी इंसान को भारी पड़ सकती है।
फिल्मों की बात करें तो अजय देवगन की हालिया फिल्म “रेड 2” बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। एक बार फिर उन्होंने अपने गंभीर अभिनय और पुलिस अधिकारी की भूमिका से दर्शकों को इंप्रेस किया। इस फिल्म में भी उन्होंने सामाजिक मुद्दों को उठाया और दिखाया कि कैसे सच्चाई के लिए खड़ा एक अफसर सिस्टम को हिला सकता है। यही उनकी पहचान है – कंटेंट ओरिएंटेड सिनेमा के साथ-साथ जनता की नब्ज़ को पकड़ने वाला किरदार।

अब अजय देवगन एक बार फिर अपने फैन्स के सामने एक नए अंदाज़ में लौटने वाले हैं, जब वे जल्द ही “सन ऑफ सरदार 2” में दिखाई देंगे। यह फिल्म 25 जुलाई को रिलीज़ होने जा रही है और इसके लिए फैंस में खासा उत्साह देखा जा रहा है। “सन ऑफ सरदार” का पहला भाग एक मसालेदार एक्शन-कॉमेडी था और इसका सीक्वल उसी जड़ से जुड़ा हुआ लेकिन नई कहानी और कंफ्लिक्ट के साथ पेश किया जाएगा। अजय ने इस फिल्म में भी खुद कुछ स्टंट किए हैं लेकिन उनकी टीम अब और भी ज्यादा सतर्क रहती है ताकि किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाना पड़े।
अजय देवगन का करियर एक लंबी यात्रा का परिणाम है जिसमें मेहनत, अनुशासन, और लगातार खुद को बेहतर बनाते जाने की ललक है। उनके अभिनय की खास बात यह है कि वे रियल दिखते हैं। चाहे वह ‘गंगाजल’ का ईमानदार पुलिसवाला हो, ‘शिवाय’ का भावुक पिता, ‘तान्हाजी’ का वीर योद्धा या ‘भुज’ का देशभक्त अफसर – हर किरदार में उनकी गहराई झलकती है।
सफलता की ऊंचाई पर बैठा कोई भी इंसान अपनी असल ज़िंदगी की कमजोरियों को कम ही दिखाता है, लेकिन जब अजय देवगन जैसे सितारे खुद अपने डर और हादसे के बारे में खुलकर बोलते हैं, तो यह आम लोगों को यह सीख देता है कि डर को कबूल करना कमजोरी नहीं, बल्कि हिम्मत है। यह उनके फैंस के साथ उनका जुड़ाव और उनकी पारदर्शिता को दर्शाता है।
अजय देवगन की यह सच्ची कहानी सिर्फ एक हादसे की रिपोर्ट नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान की झलक है जो लाखों दिलों पर राज करता है, लेकिन भीतर से अब भी इंसानी फीलिंग्स से जुड़ा हुआ है।