भारतीय क्रिकेट में बड़ा भूचाल आने वाला है क्योंकि फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म Dream 11 अब टीम इंडिया की जर्सी का टाइटल स्पॉन्सर नहीं रहेगा. संसद में पास हुए ऑनलाइन गेमिंग बिल ने इस पूरे मामले को तूल दे दिया है. इस बिल के बाद अब किसी भी ऐसे ऑनलाइन गेम पर रोक लगा दी गई है जिसमें पैसे का लेन-देन शामिल होता है. इसी वजह से Dream 11 को तगड़ा झटका लगा है. बताया जा रहा है कि BCCI और Dream 11 के बीच 358 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप डील थी, जो अब टूटने की कगार पर है. इस डील के टूटने का सीधा असर भारतीय टीम की जर्सी पर भी पड़ सकता है क्योंकि एशिया कप से पहले ही टीम इंडिया की नई जर्सी आ सकती है जिसमें Dream 11 का लोगो नज़र नहीं आएगा.
Dream 11 ने पिछले कुछ सालों में भारतीय क्रिकेट में अपनी गहरी पैठ बनाई थी. चाहे आईपीएल हो या टीम इंडिया की जर्सी, हर जगह Dream 11 का नाम साफ-साफ दिखाई देता था. करोड़ों रुपये खर्च करके कंपनी ने न सिर्फ क्रिकेट फैंस के बीच अपनी ब्रांड वैल्यू बनाई बल्कि ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को भी एक नई पहचान दी. लेकिन अब जब सरकार ने ऑनलाइन मनी-बेस्ड गेम्स पर बैन लगा दिया है तो Dream 11 के लिए भारतीय क्रिकेट में बने रहना मुश्किल हो गया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक एशिया कप के दौरान भारतीय टीम की जर्सी पर नया स्पॉन्सर देखने को मिल सकता है. BCCI ने इसके लिए कई कंपनियों से बातचीत शुरू कर दी है. अडानी ग्रुप, टाटा, रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों ने इस मौके में दिलचस्पी दिखाई है. हालांकि अब तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. जानकारों का मानना है कि Dream 11 के हटने से BCCI को भी नुकसान हो सकता है क्योंकि इतनी बड़ी रकम देने के लिए दूसरी कंपनी को राजी करना आसान नहीं होगा.
Dream 11 का सफर भारतीय क्रिकेट में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. शुरुआत में जब इस कंपनी ने टीम इंडिया को स्पॉन्सर किया तो काफी विवाद हुआ था. कहा गया था कि ऑनलाइन जुए जैसे गेम्स को बढ़ावा देने वाली कंपनी को देश की टीम की जर्सी पर जगह क्यों दी जा रही है. कई सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध भी किया लेकिन BCCI ने पैसों के लालच में इस विरोध को नजरअंदाज कर दिया. अब वही विरोध Dream 11 के सामने सबसे बड़ा संकट बन गया है. संसद में पास हुआ नया बिल इसी सोच का नतीजा है जिसमें कहा गया कि किसी भी ऐसे गेम से युवाओं को दूर रखना होगा जिसमें पैसे का दांव लगाया जाता हो.

क्रिकेट फैंस के बीच भी इस खबर ने हलचल मचा दी है. ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #Dream11, #TeamIndiaJersey और #BCCIDeal जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे हैं. फैंस कह रहे हैं कि क्रिकेट से पैसों का खेल हटना ही बेहतर है, वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि Dream 11 जैसे स्पॉन्सर हटने से टीम इंडिया की फाइनेंशियल ताकत पर असर पड़ेगा.
BCCI की नजर अब नई कंपनियों पर है. सूत्रों के मुताबिक जर्सी स्पॉन्सर के लिए BCCI को जल्द ही नया पार्टनर मिल सकता है ताकि एशिया कप और वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स से पहले टीम इंडिया बिना लोगो वाली जर्सी पहनकर न उतरे. क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Dream 11 के हटने के बाद शायद कोई बड़ी भारतीय कंपनी ही आगे आएगी ताकि टीम इंडिया का ब्रांड इमेज घरेलू स्तर पर मजबूत रहे.
Dream 11 और BCCI की डील टूटने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर टीम इंडिया की जर्सी पर कौनसा नाम नज़र आएगा. अभी तक जो जानकारी आई है उसके मुताबिक टाटा और अडानी ग्रुप सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं.
Dream 11 की दिक्कतें यहीं खत्म नहीं होतीं. कई राज्यों में पहले से ही इस ऐप पर बैन लगाया जा चुका था और अब संसद का बिल पास होने के बाद इसका भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है. अगर Dream 11 भारत में बैन होता है तो न सिर्फ क्रिकेट बल्कि कंपनी की पूरी मार्केटिंग स्ट्रेटजी ध्वस्त हो जाएगी.