कर्नाटक के दिग्गज ऑलराउंडर कृष्णप्पा गौतम ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। 22 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम ने यह बड़ा ऐलान किया। 37 साल की उम्र में यह फैसला लेते हुए गौतम ने अपने 14 साल लंबे प्रोफेशनल करियर को विराम दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में KSCA के अधिकारी और मीडिया के लोग मौजूद थे, जहां गौतम ने भावुक अंदाज में अपने सफर को याद किया। ऑफ-स्पिन गेंदबाजी और लोअर ऑर्डर में विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर गौतम का करियर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हमेशा लड़ाकू स्पिरिट दिखाई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस: भावुक पलों भरा ऐलान
KSCA के मीडिया लाउंज में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम ने कहा कि अब समय नई शुरुआत का है। हाल के सालों में कर्नाटक की रणजी टीम से बाहर होना और IPL 2025 मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहना उनके फैसले की बड़ी वजहें रहीं। उनका आखिरी IPL मैच मई 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए था। गौतम ने स्पष्ट वजहें तो नहीं बताईं, लेकिन उनके चेहरे पर संतोष और थोड़ी उदासी दोनों नजर आई। KSCA ने उन्हें सम्मान देते हुए उनके योगदान को सराहा। क्रिकेट जगत से कई दिग्गजों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिसमें विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे नाम शामिल हैं। गौतम की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस उनके करियर की तरह ही ग्राउंडेड और ईमानदार रही।

Ex-Indian all-rounder Krishnappa Gowtham retires from cricket
करियर के चमकते सितारे: IPL से लेकर डोमेस्टिक तक
कृष्णप्पा गौतम का करियर हाइलाइट्स से भरा पड़ा है। IPL में उन्होंने मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स जैसी बड़ी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। 2021 के ऑक्शन में CSK ने उन्हें 9.25 करोड़ रुपये में खरीदा था, जो उस समय किसी अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी के लिए रिकॉर्ड रकम थी। कुल 36 IPL मैचों में उन्होंने 247 रन बनाए (स्ट्राइक रेट 166.90) और 21 विकेट चटकाए। उनकी ऑफ-स्पिन अक्सर बड़े बल्लेबाजों को परेशान करती थी, और लोअर ऑर्डर में उनके बड़े शॉट्स मैच का रुख बदल देते थे।
डोमेस्टिक क्रिकेट में गौतम कर्नाटक के लिए एक स्टालवार्ट थे। 2012 में रणजी डेब्यू मैच में ही उन्होंने सुरेश रैना और भुवनेश्वर कुमार जैसे स्टार्स को आउट किया था। 59 फर्स्ट-क्लास मैचों में 224 विकेट और 1419 रन, लिस्ट A में 96 विकेट – ये आंकड़े उनके ऑलराउंड योगदान को बताते हैं। कर्नाटक को कई रणजी ट्रॉफी और अन्य घरेलू खिताब जिताने में उनका बड़ा हाथ रहा। 2024 में महाराजा ट्रॉफी में मैसूर वॉरियर्स की जीत में भी वे अहम सदस्य थे।
लेकिन गौतम का सबसे यादगार प्रदर्शन 2019 कर्नाटक प्रीमियर लीग (KPL) में बेल्लारी टस्कर्स के लिए आया। एक ही मैच में उन्होंने 56 गेंदों पर नाबाद 134 रन ठोके (13 छक्के लगाए) और फिर गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 8 विकेट झटके! यह भारतीय T20 क्रिकेट का अब तक का सबसे बेहतरीन ऑलराउंड परफॉर्मेंस माना जाता है। इस प्रदर्शन ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया और IPL फ्रेंचाइजियों की नजरों में ला दिया। ट्विटर पर उस दिन #Gowtham ट्रेंड कर रहा था, और क्रिकेट पंडित उन्हें ‘नया कपिल देव’ कहने लगे।

Krishnappa Gowtham Smashes Unbeaten 134 Runs, Bags 8 Wickets in …
इंटरनेशनल डेब्यू: सपना अधूरा रहा
2021 में श्रीलंका दौरे पर गौतम को भारतीय टीम में जगह मिली। 23 जुलाई 2021 को कोलंबो में ODI डेब्यू किया और अपना पहला इंटरनेशनल विकेट श्रीलंकाई ओपनर मिनोद भानुका का लिया। T20 टीम में भी चुने गए, लेकिन आगे ज्यादा मौके नहीं मिले। इंडिया A के लिए उन्होंने न्यूजीलैंड A और वेस्टइंडीज A जैसी टीमों के खिलाफ शानदार खेल दिखाया, लेकिन सीनियर टीम में स्थायी जगह नहीं बना सके। चोटें और कड़ी कॉम्पिटिशन ने उनके इंटरनेशनल करियर को सीमित रखा। फिर भी, भारत की जर्सी पहनना उनके लिए सबसे बड़ा गर्व का पल रहा।
संघर्ष की कहानी: साधारण शुरुआत से स्टारडम तक
15 अक्टूबर 1988 को बेंगलुरु में जन्मे कृष्णप्पा गौतम का सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले गौतम ने शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष किया। क्लब क्रिकेट से शुरू करके उन्होंने कर्नाटक की अंडर-19 और अंडर-23 टीमों में जगह बनाई। ऑफ-स्पिन गेंदबाजी उनकी मुख्य ताकत थी, लेकिन बल्लेबाजी में भी वे हमेशा आक्रामक रहे। मेंटल टफनेस उनकी सबसे बड़ी खूबी थी – आलोचना का जवाब हमेशा मैदान पर परफॉर्मेंस से देते थे।
IPL में बड़े-बड़े नामों के साथ खेलना, रिकॉर्ड रकम में बिकना, KPL में वो ऐतिहासिक मैच – ये सब उनके करियर के हाइलाइट्स हैं। लेकिन उतार भी आए। पंजाब किंग्स के साथ अनबन, टीम से बाहर होना, और आखिर में ऑक्शन में अनसोल्ड रहना – इन सबने उन्हें संन्यास के फैसले तक पहुंचाया। गौतम हमेशा ग्राउंडेड रहे, और फैंस उन्हें उनकी फाइटर स्पिरिट के लिए याद रखेंगे।
भविष्य की योजनाएं: कोचिंग या कमेंट्री?
संन्यास के बाद गौतम शायद क्रिकेट से जुड़े रहें। हाल में वे स्टार स्पोर्ट्स पर कन्नड़ कमेंट्री करते नजर आए थे, और उनकी समझदारी को काफी सराहा गया। कोचिंग में भी उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के काम आ सकता है। कर्नाटक क्रिकेट को उन्होंने बहुत दिया, और KSCA उन्हें मेंटरिंग रोल दे सकती है।
क्रिकेट जगत एक सच्चे योद्धा को सलाम कर रहा है। गौतम का सफर बताता है कि देर से शुरू करने पर भी टॉप तक पहुंचा जा सकता है। उनके जैसे खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट की रीढ़ होते हैं, जो बिना ज्यादा लाइमलाइट के टीम को जीत दिलाते हैं।
गौतम को उनके शानदार करियर के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं! क्रिकेट मैदान अब थोड़ा खाली लगेगा, लेकिन उनकी यादें हमेशा रहेंगी।
आपको गौतम का कौन सा परफॉर्मेंस सबसे यादगार लगता है – KPL वाला या IPL में कोई? कमेंट्स में बताएं! 👏🏏
(शब्द गिनती: लगभग 1250 शब्द)
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