इजरायल और गाजा के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इजरायली सेना ने गाजा शहर पर कब्ज़े की अपनी योजना को अमल में लाने के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य ऑपरेशन का पहला चरण शुरू कर दिया है। इस मिशन को ‘गाजा फतह’ नाम दिया गया है और इसे लेकर पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल है। इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने इस ऑपरेशन को हरी झंडी दे दी है, जिसके बाद करीब 60,000 रिज़र्विस्टों को तैनाती के आदेश दिए गए हैं। यह ऑपरेशन गाजा पर सैन्य दबदबा कायम करने और हमास को कमजोर करने की दिशा में इजरायल की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है
रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायली सेना ने भारी हथियारों, टैंकों और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। गाजा के कई हिस्सों में हवाई हमले किए जा रहे हैं और ज़मीनी कार्रवाई भी तेज़ हो गई है। पिछले दो वर्षों से जारी इजरायल-हमास जंग ने पहले ही गाजा को तबाह कर दिया है और लाखों लोग विस्थापन झेलने को मजबूर हो चुके हैं। अब इस नए ऑपरेशन के चलते मानवीय संकट और गहरा होने की आशंका जताई जा रही है। गाजा शहर के अस्पताल पहले से ही घायलों और बेघर लोगों से भरे हुए हैं और संसाधनों की कमी की वजह से स्थिति और बिगड़ रही है
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस ऑपरेशन ने चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र ने अपील की है कि इजरायल और हमास दोनों को तत्काल युद्धविराम की दिशा में कदम उठाना चाहिए ताकि निर्दोष नागरिकों को बचाया जा सके। अमेरिका और यूरोपीय संघ के कुछ देशों ने इजरायल के इस कदम को सुरक्षा के लिहाज से उचित बताया है, लेकिन कई अन्य देशों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा है कि यह मानवीय संकट को और गंभीर बना देगा। अरब लीग ने भी इस सैन्य कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है
गाजा के स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों की वजह से लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। हजारों लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। खाद्य सामग्री, पानी और दवाइयों की भारी कमी हो गई है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए हालात सबसे ज्यादा मुश्किल हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि हालात काबू से बाहर हो चुके हैं और अगर युद्ध जल्द नहीं रुका तो मानवीय त्रासदी अपने चरम पर पहुंच सकती है
विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल का यह कदम लंबे समय तक क्षेत्रीय राजनीति और वैश्विक कूटनीति को प्रभावित करेगा। एक ओर इजरायल अपने सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए इस ऑपरेशन को सही ठहरा रहा है, वहीं दूसरी ओर गाजा के आम नागरिक इसकी सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह ऑपरेशन गाजा पर नियंत्रण स्थापित करने में सफल होगा या फिर यह संघर्ष और भी ज्यादा भड़क जाएगा