जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री (JAKLI) भारतीय सेना की एक ऐसी रेजिमेंट है जो 1947 के भारत विभाजन के बाद जन्मी। यह रेजिमेंट जम्मू-कश्मीर के युवाओं का गौरव है, जिन्होंने कारगिल युद्ध से लेकर सियाचिन की बर्फीली चोटियों तक, देश की रक्षा में अपनी जान की बाजी लगाई। JAKLI के सैनिकों को ‘डॉगरा रेजिमेंट’ के नाम से भी जाना जाता है, और इनकी ट्रेनिंग इतनी कठोर होती है कि सिर्फ चुने हुए ही इसे पार कर पाते हैं।
2025 में अग्निवीर स्कीम के तहत JAKLI ने कई बैच पास किए। 1 दिसंबर को उधमपुर में 260 से ज्यादा युवा कैडेट्स ने परेड में हिस्सा लिया, जहां लेफ्टिनेंट जनरल पी.के. मिश्रा ने सलामी ली। वहीं, 4 दिसंबर को श्रीनगर में 326 अग्निवीरों का बैच पास हुआ, जिसकी मुख्य अतिथि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला थे। ओमर ने कहा, “आप भारत की सेना का भविष्य हैं। सियाचिन की ऊंचाइयों से राजस्थान के रेगिस्तानों तक, JAKLI ने कभी पीछे नहीं हटने दिया।” ये परेड्स सिर्फ सर्टिफिकेट वितरण नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत हैं – जहां युवा नागरिक सैनिक बन जाते हैं।
JAKLI की ट्रेनिंग 31 हफ्तों की होती है, जिसमें फिजिकल फिटनेस, वेपन हैंडलिंग, टैक्टिकल मूवमेंट्स और मेंटल स्ट्रेंथ शामिल हैं। इस बैच में कश्मीर के युवा राजा लियाकत अली जैसे हीरोज भी थे, जिन्होंने परेड को लीड किया। ये तस्वीरें बताती हैं कि कैसे कश्मीर के नौजवान ‘कश्मीर इज इंडिया’ का पैगाम दे रहे हैं।
उधमपुर पासिंग आउट परेड: धंसाल में शौर्य का जश्न (1 दिसंबर 2025)
1 दिसंबर को उधमपुर के JAKLI रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर, धंसाल में आयोजित परेड एक भव्य समारोह था। यहां 161 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) के रिक्रूट्स ने अपनी ट्रेनिंग पूरी की। लेफ्टिनेंट जनरल मिश्रा ने गार्ड ऑफ ऑनर लिया और परिवारों को ‘गौरव पदक’ भेंट किए। तस्वीरों में ट्राईकुटा हिल्स की बैकड्रॉप पर मार्चिंग सैनिक दिख रहे हैं – यूनिफॉर्म में चमकते बूट्स, सिर पर कैप, और हाथों में राइफल्स। एक इमेज में एक युवा सैनिक अपने परिवार के साथ सेलिब्रेट करता नजर आ रहा है – मां की आंखों में आंसू, पिता का गर्व भरा आलिंगन। यह तस्वीर प्रेरणा देती है कि सेना में शामिल होना सिर्फ व्यक्तिगत सपना नहीं, बल्कि फैमिली का त्याग भी है।
एक और दिल छू लेने वाली तस्वीर: एक नया सैनिक अपनी मां को गले लगाते हुए, बैकग्राउंड में परेड ग्राउंड। कैप्शन जैसे ‘मांओं ने अपने बेटे दिए नौजवान… ताकि जीता रहे अपना हिंदोस्तां’। NDTV इंडिया ने इसे शेयर किया, जो हजारों व्यूज बटोर चुकी। ये इमेजेस दिखाती हैं कि कैसे ट्रेनिंग के कठोर दिनों के बाद, घर की यादें सैनिकों को मजबूत बनाती हैं। परेड के दौरान स्लोगन ‘भारत माता की जय’ की गूंज से पूरा मैदान गूंज उठा, और डिफेंस PRO की फोटोज ने इसे अमर कर दिया।
श्रीनगर पासिंग आउट परेड: रंगरेट में भावुक क्षण (4 दिसंबर 2025)
4 दिसंबर को श्रीनगर के रंगरेट स्थित JAKLI सेंटर में अग्निवीर बैच-06 और टेरिटोरियल आर्मी रिक्रूट्स की परेड हुई। मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने गार्ड ऑफ ऑनर इंस्पेक्ट किया और कहा, “JAKLI हमारी रेजिमेंट है। आपका नाम इतिहास में हमेशा रहेगा।” यहां 250 से ज्यादा सैनिकों ने मार्च किया, और राजा लियाकत अली ने परेड लीड की – एक कश्मीरी युवा का यह लीडरशिप मोमेंट वायरल हो गया।
तस्वीरों का खजाना कमाल का है। हिंदुस्तान टाइम्स की वसीम अंद्राबी की फोटोज में सैनिकों की परेड – सीधी पीठ, सिंक में कदम, और आंखों में जज्बा। एक इमेज में एक सैनिक की मां उसे किस करती हुई, AP की यह फोटो ‘टॉप फोटोज ऑफ द दिसंबर’ में शामिल हुई। एक और: पिता बेटे को गले लगाते, फोर्ब्स इंडिया ने इसे ‘इमोशनल गुडबाय’ कहा। मिंट की इन-पिक्स में चार फोटोज – मार्चिंग, सेलिब्रेशन, फैमिली हग्स और सलामी। सोशल न्यूज XYZ की गैलरी में सैनिक परिवार के साथ डांस करते दिखे, जो खुशी के फव्वारे जैसे लगते हैं।
ABP न्यूज ने एक तस्वीर शेयर की, जहां अग्निवीर परिवार के साथ पोज कर रहे – कैप्शन “कैप्शन प्लिज” के साथ, जो फैंस ने भावुक कमेंट्स से भर दिया। ये तस्वीरें साबित करती हैं कि पासिंग आउट सिर्फ अंत नहीं, बल्कि नई जिंदगी की शुरुआत है।
चुनिंदा प्रेरक तस्वीरें: एक नजर डालिए
यहां कुछ चुनिंदा इमेजेस का विवरण – सोशल मीडिया और न्यूज से साभार:
- मार्चिंग की शान: हिंदुस्तान टाइम्स की फोटो में JAKLI सैनिक श्रीनगर में मार्च करते – यूनिफॉर्म की चमक, सूरज की किरणें। यह तस्वीर अनुशासन की मिसाल है।
- मां का आलिंगन: AP की इमेज – श्रीनगर परेड में मां बेटे को किस करती। आंसुओं भरी आंखें, गर्व भरी मुस्कान। इंस्पिरेशनल!
- पिता का गर्व: फोर्ब्स इंडिया – पिता बेटे को किस करते। ‘इमोशनल गुडबाय’ कैप्शन के साथ, यह फैमिली बॉन्ड दिखाती।
- लीडर राजा लियाकत: हिमानी सूद की पोस्ट – कश्मीरी युवा परेड लीड करता। ‘कश्मीर इज इंडिया’ का पैगाम।
- सेलिब्रेशन मोमेंट: सोशल न्यूज XYZ – सैनिक परिवार के साथ जश्न मनाते। खुशी के आंसू!
- ओमर अब्दुल्ला की सलामी: सोशल न्यूज – सीएम गार्ड ऑफ ऑनर लेते। लीडरशिप का प्रतीक।
ये तस्वीरें न सिर्फ विजुअल हैं, बल्कि स्टोरीज कहती हैं – ट्रेनिंग के पसीने से लेकर बैज की चमक तक।
सोशल मीडिया पर धूम: वायरल पोस्ट्स और फैंस की तारीफें
X (पूर्व ट्विटर) पर #JAKLIPassingOutParade और #Agniveer ट्रेंड कर रहा। हिंदुस्तान टाइम्स की पोस्ट को 1184 व्यूज, मिंट की 910। अल्फा कंपनी की जून 2025 पोस्ट को 5323 व्यूज – मार्चिंग वीडियोज वायरल। हिमानी सूद की राजा लियाकत वाली पोस्ट को 6738 व्यूज, 229 लाइक्स – फैंस ने कहा, “प्राउड मोमेंट फॉर कश्मीर!” NDTV की मां-बेटे वाली इमेज को 1272 व्यूज। ABP न्यूज की कैप्शन क्वेस्ट पोस्ट को 22596 व्यूज!
फैंस के कमेंट्स: “ये तस्वीरें दिल जीत लेती हैं!”, “JAKLI जिंदाबाद!”, “अग्निवीरों को सलाम।” राइजिंग कश्मीर ने वीडियो शेयर किया, जहां ओमर स्पीच देते – 681 व्यूज। कुल मिलाकर, ये इमेजेस ने देशभक्ति की लहर फैलाई।
ये तस्वीरें क्यों प्रेरक? युवाओं के लिए संदेश
ये तस्वीरें सिर्फ फोटोज नहीं, प्रेरणा के स्रोत हैं। वे दिखाती हैं कि कैसे कश्मीर के युवा सेना में शामिल होकर एकता का पैगाम दे रहे। अग्निवीर स्कीम ने युवाओं को मौका दिया, और JAKLI ने उन्हें योद्धा बनाया। भावुक पल – मां-बेटे का हग – याद दिलाते हैं कि पीछे परिवार का सपोर्ट है। ओमर अब्दुल्ला के शब्द: “आप इतिहास का हिस्सा हैं।” ये इमेजेस युवाओं को मोटिवेट करती हैं – सपने देखो, मेहनत करो, देश सेवा करो।
JAKLI की ये परेड्स 2025 की सबसे इंस्पायरिंग इवेंट्स में शुमार हैं। भविष्य में और बैच आएंगे, लेकिन ये तस्वीरें हमेशा याद रहेंगी।
निष्कर्ष: शौर्य की अमर तस्वीरें, दिल में बसीं
दोस्तों, JAKLI पासिंग आउट परेड की ये प्रेरक तस्वीरें देश की एकता, युवाओं के जज्बे और परिवार के त्याग की कहानी कहती हैं। चाहे मार्चिंग हो या हग्स, सब कुछ इंस्पायरिंग। आपकी फेवरेट तस्वीर कौन सी? कमेंट्स में शेयर करें। जय हिंद! अपडेट्स के लिए फॉलो करें।