भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट संन्यास को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है! मई 2025 में आईपीएल के बीच अचानक दोनों ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था, जो उस समय क्रिकेट जगत के लिए बड़ा झटका था। अब साल के अंत में पूर्व क्रिकेटर और 2007 टी20 वर्ल्ड कप विजेता रॉबिन उथप्पा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बड़ा बयान देकर आग में घी डाल दिया है। उथप्पा ने कहा कि रोहित और विराट का टेस्ट से बाहर जाना “नेचुरल एग्जिट” बिल्कुल नहीं लगता। उनका मानना है कि इस फैसले के पीछे कुछ और कहानी हो सकती है, जो शायद दोनों खुद ही कभी खोलें। यह बयान 30 दिसंबर 2025 को वायरल हो गया, और फैंस से लेकर एक्सपर्ट्स तक फिर से इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं।
उथप्पा का पूरा बयान: ‘मजबूरन संन्यास जैसा लगता है’
रॉबिन उथप्पा ने अपने यूट्यूब वीडियो में साफ कहा, “मुझे नहीं पता कि ये मजबूर होकर आत्मसमर्पण था या नहीं, लेकिन निश्चित तौर पर ये नेचुरल एग्जिट तो नहीं लगता। सच क्या है, ये तो वे खुद ही अपने हिसाब से सही समय पर सामने लाएंगे।” उथप्पा ने रोहित की फॉर्म पर भी बात की – “ऑस्ट्रेलिया में जब रोहित रन नहीं बना रहे थे, तो मुझे लगा कि उन्हें 6 महीने का ब्रेक लेकर फिटनेस पर काम करना चाहिए। मुझे कोई शक नहीं था कि वो रन बनाएंगे। दोनों में अभी भी वो भूख नजर आती है।”
उथप्पा अकेले नहीं हैं जो ऐसा सोचते हैं। कई पूर्व क्रिकेटरों और फैंस का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खराब परफॉर्मेंस (रोहित ने 3 टेस्ट में 31 रन, विराट ने 5 टेस्ट में 190 रन) के बाद रणजी ट्रॉफी खेलना और फिर अचानक आईपीएल में संन्यास का ऐलान – ये सब प्लांड लगता है। रिपोर्ट्स में गौतम गंभीर (कोच) और अजित अगरकर (चीफ सिलेक्टर) की भूमिका पर भी सवाल उठे थे, लेकिन बीसीसीआई ने बार-बार कहा कि फैसला दोनों का अपना था।
संन्यास का बैकग्राउंड: ऑस्ट्रेलिया हार से इंग्लैंड टूर तक
2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत को ऑस्ट्रेलिया से 3-1 की हार मिली। रोहित ने सीरीज के आखिरी टेस्ट से खुद को बाहर किया, और विराट का फॉर्म भी डगमगा रहा था। इसके बाद दोनों को रणजी ट्रॉफी खेलने को कहा गया – जो कई लोगों को “परफॉर्मेंस प्रेशर” लगा। फिर मई 2025 में:
- 7 मई: रोहित ने इंस्टाग्राम पर टेस्ट संन्यास का ऐलान।
- 12 मई: विराट ने भी सोशल मीडिया पर अलविदा कहा।
ये ऐलान इंग्लैंड के 5 टेस्ट सीरीज से ठीक पहले आए, जहां शुभमन गिल नए कप्तान बने। बीसीसीआई चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर ने कहा था, “विराट ने अप्रैल में ही संपर्क किया और कहा कि वो खत्म करना चाहते हैं। हमें रिस्पेक्ट करना पड़ता है।” बीसीसीआई सेक्रेटरी ने भी अफवाहों को खारिज किया कि किसी ने मजबूर किया।
फिर भी, टाइमिंग पर सवाल बने रहे। कुछ ने कहा कि नया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकल (2025-27) के लिए ट्रांजिशन जरूरी था।
संन्यास के बाद दोनों का जलवा: वनडे और घरेलू क्रिकेट में तूफान
संन्यास के बाद रोहित और विराट ने वनडे पर फोकस किया, और क्या कमाल किया! साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में विराट ने 312 रन (2 शतक), रोहित ने 146 रन बनाए। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में दोनों ने शतक जड़े – रोहित ने सिक्किम के खिलाफ 155 रन (62 बॉल पर शतक, अपना लिस्ट A सबसे तेज), विराट ने भी शतक ठोका। दोनों 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलना चाहते हैं, और फॉर्म देखकर लगता है कि वो आसानी से खेलेंगे।
उथप्पा ने भी कहा, “वनडे में टीम बैलेंस्ड लगती है जब रोहित-कोहली खेलते हैं। 2027 वर्ल्ड कप तक उन्हें जरूर खेलना चाहिए।”
फैंस और एक्सपर्ट्स की राय: बंटे हुए विचार
सोशल मीडिया पर फैंस बंटे हैं:
- कुछ कहते हैं कि दोनों को और खेलना चाहिए था, खासकर विराट को।
- कुछ मानते हैं कि ट्रांजिशन जरूरी था, और दोनों ने सही समय पर फैसला लिया।
- कई फैंस अब भी “फोर्स्ड रिटायरमेंट” की थ्योरी पर यकीन करते हैं।
पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी विराट के संन्यास पर सरप्राइज जताया था। लेकिन बीसीसीआई ने हमेशा कहा कि फैसला पर्सनल था।
रोहित-कोहली ने टेस्ट में भारत को कई यादगार जीत दिलाई – विराट ने 123 टेस्ट में 9230 रन (30 शतक), रोहित ने 67 टेस्ट में 4301 रन (12 शतक)। उनका जाना बड़ा झटका था, लेकिन नए युग में शुभमन गिल लीड कर रहे हैं।
अब सवाल ये है कि क्या रोहित-विराट कभी इस पर खुलकर बोलेंगे? या ये रहस्य बना रहेगा?
क्या आपको लगता है कि रोहित-कोहली का टेस्ट संन्यास नेचुरल था या कुछ और था पीछे? कमेंट्स में बताएं! 🏏🔥
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