अमेरिका के नॉर्थ डकोटा के मिनोट शहर में एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया, जब स्काईवेस्ट एयरलाइन का एक पैसेंजर प्लेन अमेरिकी वायुसेना के B52 बमबर विमान से टकराने से बाल-बाल बच गया। यह घटना 18 जुलाई 2025 को हुई और अब इसका वीडियो और पायलट की चेतावनी वाला ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मिनियापोलिस से नॉर्थ डकोटा के मिनोट जा रहे इस प्लेन में दर्जनों यात्री सवार थे। विमान जैसे ही मिनोट एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए तैयार हुआ, उसे एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से उतरने की अनुमति मिल गई। लेकिन जैसे ही विमान ने रनवे की ओर रुख किया, तभी पायलट को अचानक अपने रास्ते में एक अन्य विमान दिखा जो कि बेहद तेज़ी से उसकी ओर आ रहा था।
पायलट ने पहले सोचा कि यह कोई छोटा प्लेन होगा, लेकिन जैसे ही स्थिति गंभीर होती गई, एटीसी ने उन्हें तुरंत दाईं ओर मुड़ने के लिए कहा। पायलट ने जवाब दिया कि दाईं ओर भी एक प्लेन है। फिर एटीसी ने बाईं ओर मुड़ने का निर्देश दिया। इसके बाद पायलट ने तुरंत निर्णय लेते हुए विमान को बमबर प्लेन के पीछे मोड़ा और संभावित टक्कर को टाल दिया।

विमान में बैठे यात्रियों को इस दौरान काफी टर्बुलेंस महसूस हुआ। पायलट ने यात्रियों से माफी मांगते हुए कहा कि यह “नॉर्मल टर्बुलेंस” नहीं था और घटना को लेकर खुद भी हैरान थे। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि एयरफोर्स बेस और रडार की मौजूदगी के बावजूद पायलट को B52 बमबर के बारे में जानकारी क्यों नहीं दी गई?
घटना के बाद स्काईवेस्ट एयरलाइन और अमेरिकी वायुसेना दोनों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, यूएस एयरफोर्स ने बताया कि उन्हें मिनोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास मिलिट्री और पैसेंजर ऑपरेशन्स की सूचना थी, लेकिन समन्वय में कहीं चूक हुई।
एफएए (फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन), यूएस एयरफोर्स और स्काईवेस्ट मिलकर इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर यह खतरनाक स्थिति कैसे उत्पन्न हुई। प्राथमिक रिपोर्टों से पता चलता है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल और दोनों एयरक्राफ्ट्स के बीच समन्वय की कमी इस घटना की वजह बनी।
गौरतलब है कि इस वर्ष जनवरी में भी वाशिंगटन डीसी के पास एक मिलिट्री हेलीकॉप्टर और पैसेंजर प्लेन की टक्कर में 67 लोगों की मौत हो गई थी। अब एक बार फिर ऐसा मामला सामने आने से अमेरिका में मिलिट्री और कमर्शियल फ्लाइट्स के बीच कम्युनिकेशन और कोऑर्डिनेशन पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह घटना अमेरिकी हवाई सुरक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है और उम्मीद है कि इससे संबंधित एजेंसियां मिलकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगी।