गुजरात के बनासकांठा जिले में 7 अगस्त को ऐतिहासिक घटना।
24 वर्षीय दलित युवक कीर्ति चौहान ने गांव की नाई की दुकान पर बाल कटवाए।
यह पहली बार था जब किसी दलित को यह सुविधा मिली।
गांव के दलित समुदाय ने इसे ‘मुक्ति का क्षण’ बताया।
अलवाड़ा गांव की आबादी करीब 6500 है।
इसमें से लगभग 250 लोग दलित समुदाय से हैं।
पीढ़ियों से गांव के नाई दलितों के बाल नहीं काटते थे।
दलितों को बाल कटवाने पड़ोसी गांव जाना पड़ता था।
अक्सर भेदभाव से बचने के लिए जाति छिपानी पड़ती थी।
यह घटना गांव में सामाजिक समानता का नया अध्याय है।
लोगों ने उम्मीद जताई—अब भेदभाव की यह प्रथा खत्म होगी।