21 अक्टूबर 2025 को सुबह करीब 7 बजे, योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। ये उनकी रूटीन विजिट थी – जहां वो रोजाना पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर के परिसर में घूमते हुए एक मोर उनके पास आया। योगी ने मुस्कुराते हुए हाथ में दाना लिया और मोर को खिलाया। मोर ने बिना डरे उनके हाथ से दाना चुगा, और ये दृश्य कैमरों में कैद हो गया। तस्वीरों में योगी सफेद कुर्ता-पायजामा में, मोर के बिल्कुल करीब, प्यार से दाना देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में मोर की पूंछ फैलती दिख रही, जो दृश्य को और खूबसूरत बना देती है।
ये तस्वीरें IANS और लोकल मीडिया ने शेयर कीं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। X (पूर्व ट्विटर) पर #YogiWithPeacock ट्रेंडिंग में आ गया, और लाखों व्यूज के साथ फैंस ने शेयर किया। योगी आदित्यनाथ की मोर संग खास तस्वीर वायरल का ये मोमेंट अप्रैल 2025 के गोरखपुर चिड़ियाघर वाले वीडियो को याद दिलाता है, जहां उन्होंने मोर को केला खिलाया था। योगी ने बाद में कहा, “मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है, उनका सम्मान हमारा कर्तव्य। प्रकृति से जुड़ना जरूरी है।” ये तस्वीरें न सिर्फ वायरल हुईं, बल्कि योगी की इमेज को और सॉफ्ट बनाया।
गोरखनाथ मंदिर: योगी का आध्यात्मिक केंद्र और मोर का खास कनेक्शन
गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं। मंदिर परिसर में मोरों का रहना आम है – वो स्वतंत्र घूमते हैं, और भक्त उन्हें दाना खिलाते हैं। 21 अक्टूबर को योगी की विजिट रूटीन थी – पूजा के बाद परिक्रमा। मोर का उनके पास आना संयोग था, लेकिन कैमरा रेडी था। मंदिर के पुजारी ने कहा, “मोर भगवान शिव का वाहन है, योगी जी का पशु प्रेम देखकर प्रसन्न होते हैं।”
ये घटना अप्रैल 2025 के अशफाक उल्ला खान चिड़ियाघर वाले विजिट से मिलती-जुलती है, जहां योगी ने मोर को केला खिलाया। वीडियो में मोर उनके हाथ से खाता दिखा, जो वायरल हो गया। योगी आदित्यनाथ की मोर संग खास तस्वीर वायरल ने दिखाया कि योगी का पशु प्रेम सिर्फ इवेंट नहीं, बल्कि रोजमर्रा का है।
| घटना | तारीख | जगह | हाइलाइट |
|---|---|---|---|
| मोर को केला खिलाना | 8 अप्रैल 2025 | गोरखपुर चिड़ियाघर | वीडियो वायरल, पशु प्रेम दिखा |
| दाना खिलाना | 21 अक्टूबर 2025 | गोरखनाथ मंदिर | तस्वीरें सोशल मीडिया पर ट्रेंड |
| अन्य | – | – | योगी का पर्यावरण फोकस |
ये टेबल योगी के पशु प्रेम की घटनाओं को दिखाती है।
योगी आदित्यनाथ का पशु प्रेम: सन्यासी से CM तक का सफर
योगी आदित्यनाथ (जन्म 5 जून 1972, पंचूर, उत्तराखंड) गोरक्षपीठाधीश्वर हैं – गौ-रक्षा के प्रतीक। सन्यासी बनने से पहले अजय सिंह बिष्ट थे। 1998 से गोरखपुर सांसद, 2017 से UP CM। पशु प्रेम उनका कोर वैल्यू – गौ-रक्षा कानून, वन्यजीव संरक्षण। अप्रैल 2025 में चिड़ियाघर विजिट में मोर को केला खिलाया, जो वायरल हुआ। योगी ने कहा, “प्रकृति हमारी मां है, पशु उसके बच्चे।” योगी आदित्यनाथ की मोर संग खास तस्वीर वायरल ने उनके सॉफ्ट साइड को हाइलाइट किया।
सोशल मीडिया रिएक्शन: फैंस की तारीफों की बौछार और मीम्स
तस्वीरें शेयर होते ही X पर 5 लाख+ व्यूज। फैंस: “योगी जी का पशु प्रेम कमाल! मोर भी उनका फैन।”, “सादगी की मिसाल।” BJP नेता: “CM का हार्ट गोल्डन।” मीम्स: योगी-मोर का फोटो ‘राष्ट्रीय पक्षी का सम्मान’। विपक्षी: “गुड जेस्चर, लेकिन विकास पर फोकस।” वायरल ने योगी की इमेज को पॉजिटिव बूस्ट दिया।
क्यों वायरल हुई ये तस्वीर? टॉप 5 वजहें
- हार्टवॉर्मिंग मोमेंट: CM का पशु प्रेम – रेयर साइट।
- सोशल मीडिया एरा: तस्वीरें तेज शेयर।
- पर्यावरण मैसेज: राष्ट्रीय पक्षी का सम्मान।
- योगी की सादगी: सन्यासी इमेज।
- टाइमिंग: दिवाली के बाद पॉजिटिव न्यूज।
योगी आदित्यनाथ की मोर संग खास तस्वीर वायरल ने साबित किया – सादगी हमेशा वायरल होती है। क्या आपको ये मोमेंट पसंद आया? कमेंट्स में बताएं!